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ओबामा के ऊपर अंडे फेंकने का साहस पैदा करने के लिये प्रोफेसर ने किया ये

Posted On: 14 May, 2015 Others में

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ऐसा सब मानते हैं कि सोच की कोई सीमा नहीं होती. हालांकि, क्या ऐसा सचमुच होता है? बहुत गहरायी से सोचने पर यह पता चलता है कि समाज में रहने वालों की सोच पर तरह-तरह की ना जाने कितनी बंदिशें होती हैं. आँखें बंद कर इन बंदिशों को मानना भेड़-चाल में चलने का प्रमाण पत्र होता है. मस्तिष्क पर अधिक बल देने पर यह भी सामने आता है कि ये बंदिशें भावी परिवर्तनों पर अंकुश लगाना चाहती हैं. विश्व भर में लोक व्यवस्था को जीवंत बनाने और समाज में परिवर्तन लाने के लिये कुछ लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं. एक प्रोफेसर ने भी कुछ ऐसा ही किया:-


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प्रोफेसर ने अपना व्यख्यान सुनने आये 150 छात्रों का आह्वान करते हुए उन्हें अपनी सोच की जड़ता खत्म करने को कहा. “थिंकिंग एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग स्ट्रैटिजिज” विषय पर व्यख्यान-श्रृंखला के तहत उन्होंने छात्रों को अपने ऊपर से गुजरने को कहा. इसके साथ ही वो उस कमरे के फर्श पर लेट गये. कमरे से जाते वक्त कई छात्रों ने उनके कहे अनुसार किया.


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प्रोफेसर ज़्हांग नेंगली अपने इस कृत्य के जरिये चीनी छात्रों के अंदर की कायरता को खत्म करना चाहते थे. उनके अनुसार यह कायरता सोच में जड़ता के परिणामस्वरूप आती है. इस कारण चीनी नागरिक जीवन भर सदियों से चली आ रही अनुपयोगी रूढ़ियों का पालन करते चले जाते हैं. यही वो कारण है जो उनकी सोचने की क्षमता को रोकता है और व्यवस्था की सड़ी-गली चीज़ों में परिवर्तन के विरोध में आवाज़ नहीं उठा पाते.


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प्रोफेसर का मानना है कि, “चीनी संस्कृति में एक किस्म की कायरता है. इसी कारण वो नेताओं की सुनते हैं. लेकिन, यूरोप और अमेरिका के लोग अधिक भावुक हैं. अगर वहाँ के निवासियों को यह एहसास हो जाता है कि उनके नेता उन्हें गुमराह कर रहे हैं तो वो अपने नेता पर अंडे और ज़ूते चलाने से पीछे नहीं हटेंगे.”


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हालांकि, हुबेई के वुहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी में 51 वर्षीय इस प्राध्यापक की बात सच हो गयी जब उनके जोर देकर कही बातों के बदले तालियाँ तो खूब बजी लेकिन उसका पालन अधिकांश छात्रों ने नहीं किया. अधिकांश छात्र निकास के दूसरे मार्ग से बाहर निकल गये. वहीं कुछ छात्र खड़े होकर तस्वीरें खींचने में व्यस्त हो गये.


कुछ छात्रों पर ही सही पर अपनी इस सोच को क्रियान्वित होते देख प्रोफेसर ने विज्ञान और सत्य के सहयोग और समन्वय से सत्ता के अधिकारों को इनोवेशन के जरिये चुनौती देने की बात कही और यह उम्मीद जतायी कि, “अब उनके छात्रों के हृदय में ओबामा के ऊपर अंडे फेंकने का साहस आ गया होगा.”Next…..


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