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कत्ल से पहले बंधकों को शांत दिखाने के लिए आईएसआईएस करता है यह उपाय

Posted On: 2 Jan, 2016 Infotainment में

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अगर आप ने आईएसआईएस द्वारा अपने बंधकों को कत्ल किए जाने वाला कोई भी वीडियो देखा है तो एक बात आपने जरूर गौर की होगी, वीडियो में कत्ल से पहले नारंगी कपड़े पहना बंधक बेहद शांत दिखता है. उसके चेहरे पर भय व तनाव का कोई भी चिन्ह नहीं दिखता.  आईएसआईएस के एक पूर्व ट्रांसलेटर ‘सालेह’ ने अपने एक इंटरव्यू में बंधकों के चेहरे पर दिखने वाले इस शांति के रहस्य को खोला.


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सालेह ने बताया की बंधकों की हत्या करने से पहले उन्हें कई बार मॉक ड्रिल कराया जाता है. इन मॉक ड्रिल करवाने के पीछे आईएसआईएस का मकसद होता है बंधकों के दिमाग में सुरक्षा का एक भ्रम पैदा करना. बार-बार इस मॉक ड्रिल से गुजरने के बाद आईएसआईएस के बंधकों को यह यकीन हो जाता है कि सचमुच में उन्हें कभी नहीं मारा जाएगा.


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सालेह कई विदेशियों का कत्ल करने वाले आतंकी ‘जिहादी जॉन’ और बंधकों के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था. सालेह का कहना है कि 26 वर्षीय जिहादी जॉन का असली नाम मोहम्मद इमवाजी है और वह एक ब्रिटिश नागरिक है. इमवाजी सालेह को निर्देश देता था कि वह बंदियों को यह समझाए कि, “हम तुम्हें मारेंगे नहीं, यह सब एक नाटक है जो केवल वीडियो शूट करने के लिए किया जा रहा है. हम बस इतना चाहते हैं कि तुम्हारी सरकार सीरिया पर हमला करना बंद कर दे. हमें तुमसे कोई समस्या नहीं है. तुम हमारे यहां मेहमान की तरह हो.”



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सालेह ने ये भी रहस्य खोला कि आईएसआईएस अपने बंधकों को अरबी नाम देता है ताकि वे उन लोगों के साथ घुल-मिल सके और तनाव न महसूस करे. उदाहरण के लिए जापानी फोटोग्राफर ‘केंजी गोटो’ को ‘अबु साद’ कहकर बुलाया जाता था.


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सालेह कहता है कि, “हो सकता है केंजी गोटो का उच्चारण करना आईएसआईएस आतंकियों के लिए कठिन हो पर मैने यह गौर किया कि जब भी उसे अबु साद नाम से बुलाया जाता था वह काफी रिलेक्स हो जाया करता था. हर बार उसे यह समझाया जाता था कि वह घबराए नहीं यह केवल एक रिहर्सल है.” अपने बंधकों को उनकी सुरक्षा का भरोसा देकर आईएसआईएस अपने प्रोपोगेंडा वीडियो में बंधकों के मुंह से अपना संदेश बुलवा लेते हैं. और इस तरह आईएसआईएस का संदेश देते हुए वीडियो में बंदी के चेहरे पर एक शांति का भाव रहता है.


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न सिर्फ केंजी गोटो, पत्रकार जेम्स फोले और स्टीवन सॉटलॉफ, ब्रिटिश नागरिक डेविड हैन्स, पीटर कासिग आदि सब आईएसआईएस की वीडियो में अपनी-अपनी सरकार को संबोधित करते हुए बेहद शांत दिखाई देते हैं जब कि कुछ ही देर बाद उनकी गला रेत कर हत्या कर दी जाती है.Next…


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Web Title : why ISIS hostages seems so calm in videos



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